9 / 13 · निवास
वृक्ष के नीचे रहना (रुक्खमूलिकङ्ग)
छत के बजाय किसी पेड़ के नीचे निवास करना।
- लेखक
- Dhutanga.org संपादकीय टीम
- समीक्षा
- धार्मिक-सैद्धांतिक समीक्षा लंबित
- परंपरा
- थेरवाद, तुलनात्मक टिप्पणियों सहित
- प्रकाशित
- अंतिम समीक्षा
- पालि नाम
- Rukkhamūlikaṅga
- वर्ग
- निवास
अर्थ
रुक्खमूल का अर्थ है “वृक्ष की जड़” — भिक्षु-जीवन के पारंपरिक चार आधारों में से दूसरा।
इसका पालन कैसे होता है
साधक किसी उपयुक्त पेड़ के नीचे रहता है, और सीमाओं, पूजा-स्थलों या विवादित अथवा खतरनाक जगहों के पेड़ों से बचता है।
कठोरता के स्तर
स्तरों में अंतर इस बात का है कि उपयोग से पहले स्थान को — स्वयं या दूसरों द्वारा — साफ़ या व्यवस्थित किया जा सकता है या नहीं।
परंपरा में बताए गए लाभ
- सबसे सादे आश्रय में जीना
- बदलते पत्तों से अनित्यता की निरंतर याद
- इमारतों के प्रति आसक्ति से मुक्ति
व्रत कब भंग होता है
जब साधक छत के नीचे रहने चला जाता है, तब यह व्रत भंग हो जाता है।
आज का संदर्भ
परंपरा के अनुसार बुद्ध को बोधि एक वृक्ष — बोधगया के बोधि वृक्ष — के नीचे प्राप्त हुई। आज साधक सुरक्षा के लिए प्रायः इस आदर्श को सादी वन-कुटियों (कुटि) के साथ जोड़ते हैं।